Cotegary :- कविता
   
(1)
Story Name:-मिरी साँसें हैं महकती ...
Author:-मनीष पाण्डेय
Cotegory:-कविताRs.

Description:-प्रस्तुत पंक्तियों में मन में उठने वाले भाव को बहुत खूबशूरती से व्यक्त करने का प्रयास किया है। प्रेम की भावना को उचित शब्दो के साथ व्यक्त कर पाना इतना सहज कार्य नहीं है। प्रस्तुत पंक्तियों में अपने साधारण जीवन के दैनिक कार्यों से प्रेम के भाव को उत्पन्न करना कवि की विशेषता है।


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(2)
Story Name:-ह्दय और शुद्धता
Author:-मोहित कुमार
Cotegory:-कविताRs.

Description:-पृस्तुत कवीता में कवी ने हृदय की शुद्धता को महत्व दिया है। और हम सभी को अपने हृदय को शुद्ध रखने के लिए प्रेरित किया है। शुद्ध और निर्मल हृदय वाला व्यक्ति ही वस्तव में सुन्दर है। शारीरिक सुन्दरता के मोल से ज्यादा चरित्र की सुन्दरता मायने रखती है। कवी ने बहुत खूबसूरती से अपनी बात रखी है।...


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(3)
Story Name:-कर्म-पथ
Author:-मोहित कुमार
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हम सभी का जन्म कर्म करने के लिए ही हुआ है। और ये जीवन एक कर्म-पथ है। हमारी यह कविता हम सभी को अपने कर्म को निरंतर करते रहने के लिए प्रेरित करती है। जीवन में कभी भी निराशावान नहीं होना चाहिए बल्कि धैर्य के साथ कर्म करते रहना चाहिए। कवि ने बहुत अच्छी तरह से शब्दो का प्रयोग कर लोगो को जीवन से आशावान रहने का संदेश दिया है। उमीद है आप सभी को ये रचना बेहद पसंद आयेगी।


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(4)
Story Name:-मेरा प्रेम गीत....
Author:-मनीष पाण्डेय
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हम सभी के जीवन में प्रेम का एक विषेश महत्व होता है। और गीत एक अच्छा माध्यम है प्रेम को व्यक्त करने का। हमारी इस रचना के माध्यम से गीत के रूप में प्रेम को सीधे और सरल शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास किया है। जीवन के हर मोड़ पर प्रेम हमे जीवन के प्रती लगाव और जीने की हिम्मत प्रदान करता है। हम सभी को निश्छल-प्रेम का सम्मान करना चाहिए। और समाज को प्रेम और भाई-चारा से रहने का संदेश देना चाहिए।


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(5)
Story Name:-मेरी पहली नज्म और गीत....
Author:-मनीष पाण्डेय
Cotegory:-कविताRs.

Description:-प्रेम हम सभी के जीवन मे विशेष महत्व रखता है। प्रेम व्यक्त करने के लिए हम गीत और कविताओ का प्रयोग करते है। प्रस्तुत नज्म और गीत के माध्यम से प्रेम और प्रेमी का खूबशूरत वर्णन करने का प्रयास किया गया है। प्रेम हमे हमारी भावनाओ से जोड़ कर हमें संवेदनशील बनाता है।


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(6)
Story Name:-आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे...
Author:-मनीष पाण्डेय
Cotegory:-कविताRs.

Description:-प्रजातंत्र में सब कुछ जनता द्वारा ही चुना जाता है। जनतंत्र स्वस्थ तभी कहलाता है, जब किसी कार्य में अधिक से अधिक लोगो की भागीदारी होती है। सजग प्रजा ही एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करती है। इस रचना के माध्यम से कवी ने भी अपने सभी देशवाशीयों को अपने मत का आधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है। हम सभी को मत दान के लिए समय निकालना होगा। मतदान करना हम सभी के लिए जरूरी भी है और जिम्मेदारी भी।


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(7)
Story Name:-मैंने कभी भी...
Author:-मनीष पाण्डेय जी...
Cotegory:-कविताRs.

Description:-सामाज मे हो रहे महिलाओ के प्रती दुर-व्यवहार हमारे समाज पर कलंक है। किसी के भी द्वारा किये गये एक छोटी सी अभद्र टिपणी किसी महिला के कोमल हृदय पर कितना बड़ा आघात कर सकती है, इस बात का सदैव हमें विचार रखना चाहिए। हमारी इस रचना में कवी द्वारा अपने जीवन की कुछ घटनाओं के वर्णन के माध्यम से ये समझाने का प्रयास किया है कि हमें हमारे द्वारा किये गये किसी भी मजाक या टिप्णी को वही तक सीमीत रखना चाहिए जब तक उस मजाक या टिपणी से किसी के भी कोमल हृदय को अघात न पहुचे।


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(8)
Story Name:-मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ….
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हर व्यकित के जीवन में एक बार प्रेम जरूर आता है। सभी का प्रेम व्यक्त करने का तरिका भी अलग अलग होता है। किसी के लिए अपने प्यार को पा लेना ही प्रेम है तो किसी के लिए अपने दिल में प्रेमी को बसा लेना ही प्रेम है। त्याग, बलीदान और समर्पण प्रेम के अलग-अलग रूप है। हमारी इस रचना मैं कवी ने अपने प्रेम को भी कुछ अलग तरह से व्यक्त करने का प्रयास किया है।


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(9)
Story Name:-मुझे तुम याद आती हो….
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-मिलना और बिछड़ना ये दोनो ही प्रेम के अहम हिस्से है। मिलन का शुख और विरह की पीड़ा ही प्रेम को अद्दभुत बनाती है। हम सभी आज के जीवन में अपने दैनिक जिम्मेदारी और कामो में इतना खो जाते है कि हमारे पास एक दूसके के लिए समय ही नही रह जाता है। परंतु जब भी जीवन में वियोग का सामना होता है चाहे किसी भी कारण से हमें अपने प्रेम की अनुभूती होती है। इसी विरह और वियोग को हम अपनी इस रचना के माध्यम से आप सब तक पहुचाने का प्रयास कर रहे है।


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(10)
Story Name:-कभी यूँ भी होता कि...
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हर इंसान में बुरे और अच्छे विचार होते है। अगर बुरे विचार प्रबल होते है तो वे बुराई करता है और अच्छे विचार प्रबल होने पर वे अच्छाई करता है। जैसा की कबीर दास जी ने भी कहा है। बुरा जा देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।। हम सभी अपने अंदर ना जाने कितने बुरे से बुरे विचार ले के जीते है। ऐसे बहुत कम होते है जो अपनी बुराईयों को देख पाते है। क्यूकी जो देख पाते है वो अपनी बुराई को सुधार लेते है। इन बुरे विचारो पर विजय पाना ही मानवता कहलाती है। इसी प्रकार हमारी रचना में भी कवी ने मन में चल रहे प्रबल बुरे विचारों का अच्छे विचारों से द्वंद को दर्शाने का प्रयास किया है।


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