Cotegary :- कविता
   
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Story Name:-मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ….
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हर व्यकित के जीवन में एक बार प्रेम जरूर आता है। सभी का प्रेम व्यक्त करने का तरिका भी अलग अलग होता है। किसी के लिए अपने प्यार को पा लेना ही प्रेम है तो किसी के लिए अपने दिल में प्रेमी को बसा लेना ही प्रेम है। त्याग, बलीदान और समर्पण प्रेम के अलग-अलग रूप है। हमारी इस रचना मैं कवी ने अपने प्रेम को भी कुछ अलग तरह से व्यक्त करने का प्रयास किया है।


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(12)
Story Name:-मुझे तुम याद आती हो….
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-मिलना और बिछड़ना ये दोनो ही प्रेम के अहम हिस्से है। मिलन का शुख और विरह की पीड़ा ही प्रेम को अद्दभुत बनाती है। हम सभी आज के जीवन में अपने दैनिक जिम्मेदारी और कामो में इतना खो जाते है कि हमारे पास एक दूसके के लिए समय ही नही रह जाता है। परंतु जब भी जीवन में वियोग का सामना होता है चाहे किसी भी कारण से हमें अपने प्रेम की अनुभूती होती है। इसी विरह और वियोग को हम अपनी इस रचना के माध्यम से आप सब तक पहुचाने का प्रयास कर रहे है।


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(13)
Story Name:-कभी यूँ भी होता कि...
Author:-मनीष पाण्डेय जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हर इंसान में बुरे और अच्छे विचार होते है। अगर बुरे विचार प्रबल होते है तो वे बुराई करता है और अच्छे विचार प्रबल होने पर वे अच्छाई करता है। जैसा की कबीर दास जी ने भी कहा है। बुरा जा देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।। हम सभी अपने अंदर ना जाने कितने बुरे से बुरे विचार ले के जीते है। ऐसे बहुत कम होते है जो अपनी बुराईयों को देख पाते है। क्यूकी जो देख पाते है वो अपनी बुराई को सुधार लेते है। इन बुरे विचारो पर विजय पाना ही मानवता कहलाती है। इसी प्रकार हमारी रचना में भी कवी ने मन में चल रहे प्रबल बुरे विचारों का अच्छे विचारों से द्वंद को दर्शाने का प्रयास किया है।


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(14)
Story Name:- बून्द - बून्द की वर्षा रानी
Author:-सोनू जी
Cotegory:-कविताRs.

Description:-सावन में होने वाली बारिश का हम सब के जीवन के महत्व को दर्शाने का प्रयाश किया गया है।


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(15)
Story Name:-आज में तुझसे प्यार करना चाहता हू
Author:-सोनू शर्मा
Cotegory:-कविताRs.

Description:-हमारे देश मे प्रेम की रीत भगवान श्री कृष्ण जी ने चलायी। और मीरा जी ने उस प्रेम की रीत निभाई। कहते इस प्रेम को समझना भी उतना ही मुशकिल है जितना श्री कृष्ण जी को समझना है। क्यूकी प्रेम के रंग भी तो अनेक है। इन पंक्तियो मे भी प्रेम के रंगों को बिखेरने का प्रयास किया गया है। शायद आपको ये रंग भी बहुत पसंद आये ध्रन्यवाद।


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(16)
Story Name:-पलक कहती हैं
Author:-Sonu sharma
Cotegory:-कविताRs.

Description:-चहरे की खूबसूरती देखने वाले कभी आखो की तारफ करते है तो कभी लोगो के गोरे रंग की । पर किसी भी चहरे की खूबसूरती के पीछे उस चहरे की प्यारी सी पलको का भी कम महत्व नहीं होता है । हम भले खूबसूरती की तारीफ करते समय इन प्यारी पलको को उतना महत्व न दें पर इस से हमारे जीवन में पलक का महत्व कम नहीं होने वाला। पता नहीं आप सब को मेरी ये रचना पसंद आये या नही । क्यूकी में कोई कवी नहीं हू पर ये मेरी पहली कोशिश हैं । मेरी कोशिश केवल इन प्यारी पलकों का हमारे जीवन में महत्व को आप सब को बताना है।


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