पढ़े कुछ चटृपटा

हम सभी के जीवन में व्यंग का अपना महत्व है। हम सभी थोड़ी सी खुशि प्राप्त करने के लिए व्यंग का प्रयोग अपनी तरह से करते रहते है। अपनी बातो में , अपने व्यवहार में जब भी हम अपने दोस्तो के बीच होते है या फिर कोई मौका होता है। एक अच्छा व्यंग हमारा समय को अत्यधिक अनंदमयी बना देता है। परंतु हमें हमेशा इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की हमारे दवारा किया गया व्यंग किसी की भावनाओं को ठेस ना पहुचाये। हमारी वेब साईट का ये पेज भी कुछ नयी सोच और अच्छे व्यंग के लिए ही जोड़ा गया है। जिसका मकसद केवल अपने पठको को व्यंग के माध्यम से थोड़ी सी खुशी बाटने के साथ कुछ जटिल मुदृदो को लोगो के सामने रखने का प्रयास है । अत: आप सभी पाठको से अनुराध है इस पेज की हर पोस्ट को एक व्यंग की तरह ही ले और अन्यत: न ले। धन्यवाद ….

 
 
9/5/2015

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी भक्तो को हमारे फेसबुक पेज (www.facebook.com/apnikahani.biz) और हमारी वेब साईट (www.apnikahani.biz) की ओर से ढेरो शुभकामनाऍ ǃ …………………………….. श्री रामच्ंद्र जी ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया …………………………….. कान्हा जी ने प्रेम का दीप जलाया …………………………….. हम सभी को अपने जीवन मे इन बातो का अनुशरण करना उतना ही आवश्यक है जितना की हम रोज प्रभू की पूजा करते है। …………………………….. इस जन्माष्टमी हम सभी अपने जीवन में मर्यादा का व्रत ले और प्रेम का दीप जलायें। …………………………….. शुभ जन्माष्टमी ǃ





9/3/2015

जीवन में एक अच्छे हमशफर की तलाश हम सभी को होती है। …………………………….. पर शायद जब हम अपना हमशफर चुन रहे होते है तो हम ये भूल जाते है की …………………………….. एक अच्छा हमशफर बन पाना किसी के लिए भी इतना आसान नहीं होता। ……………………………..





8/28/2015

राक्क्षाबंधन के पावन अवसर पर हमारी वेब साईट की ओर से सभी भाईयो और बहनो को ढेर सारा प्यारा। …………………………….. “ बहने चाहती है सिर्फ भाईयो का प्यार …………………………. नहीं मागंती वो बड़े और महगें उपहार ……………………………. रिश्ता बने रहे सदियों तक यूहीं …………………………….. मिले भाईयो को खुशिया हजार …………………………… और बहनो को अपना शुखी घर संसार। “ ………………… …………………………….. “ आप सभी को राक्क्षा-बन्धन की ढेरो शुभ-कामनाऍ ” ……………..





8/20/2015

दोस्तो हमारे देश का बहु-कीमती संसद का मानसून सत्र इस बार शावन की बारिश में धुल गया।…………………………… बहूत से कारण हो सकते है एैसा होने के पर शायद एक कारण ये भी हैl…………………………. ……….. की ……….............. “जब बोया पेड़ बबूल का तो आम कहा से होय ” ………………………… गुस्ताखी माफ…… {-_-}





8/13/2015

69 वें स्वत्रंता दिवस के अवसर पर हमारे हिंदुस्तान के सभी देशवाशियों कों हमारी वेब साईट की ओर से ढेरो शुभकामनाऍ। …………………………..... हमें गर्व है हिंदुस्तानी होने पर और हमेशा रहेगा। हमें पूरा यकीन है हम सब मिल के देश को आगे ले के जायेगें। अभी तो शिर्फ शुरूवात है दोस्तो, केवल जीतना ही हमारी मंजिल नहीं है। हमें तो सबके साथ विजयी होना है। …………………………… ये हमेशा याद रखना दोस्तो “ वसुदैव कुटुम्बकम ” ……………………………. जय हिंद ……





6/27/2015

हम जितना ज्यादा दूसरों का भला करेंगे , ............ हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा ................ और उसमें परमात्मा निवास करेंगे …………… ........ स्वामी विवेकानंद ……





5/21/2015

क्रूरूर बनने के लिए हिम्मत और ताकत की जरूरत होती है........... जबकी सरल बनने के लिए केवल धैर्य की।............. फिर भी लोगो के लिए सरल होना इतना मुश्किल क्यू हो जाता है?................





5/4/2015

आकाश इतना विशाल सिर्फ इसलिए है …………….. क्यूकी हम उस पर पैर नहीं रख सकते।…………...... वरना शायद एक छोटी सी चींटी ही सारा आसमान नाप देती……………..





4/18/2015

जीवन जीने के तीन तरीकें ……….. एक मुझे आता है, दूसरा तुझे आता है……. तीसरा मुझे नहीं पता और ना तू ही जानता है।….. वैसे तरीका कोर्इ भी हो जीवन के सफर मे हम सभी हमसफर है।….. तो क्यूना इस सफर को मिलके यादगार बनाया जाय........... कुछ अच्छा लिखा जाय………





4/13/2015

सच्चे मन से किसी का इंतजार करना भी पूजा का एक रूप है। ……………….. जैसे सबरी ने रामचंद्र जी का इंतजार किया। ……………….. क्यूकी इंतजार करना जितना आसान दिखता है, उतना आसान होता नही। …………………….. कभी किसी का इंतजार करके जरूर देखना आप सब भी। ……………………………… ( जय श्री राम ……..)





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