आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे...  
   
Writter:- मनीष पाण्डेय  
Type:- कविता   Date:- 11/15/2016
Description:- प्रजातंत्र में सब कुछ जनता द्वारा ही चुना जाता है। जनतंत्र स्वस्थ तभी कहलाता है, जब किसी कार्य में अधिक से अधिक लोगो की भागीदारी होती है। सजग प्रजा ही एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करती है। इस रचना के माध्यम से कवी ने भी अपने सभी देशवाशीयों को अपने मत का आधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है। हम सभी को मत दान के लिए समय निकालना होगा। मतदान करना हम सभी के लिए जरूरी भी है और जिम्मेदारी भी।
 
  ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------  
     
  हवा चलने लगी है फिर बदलाव की
घंटी बज चुकी है आनेवाले चुनाव की
आओ मिलकर सब एक अभियान करेंगे
आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे ...........।।


अम्मा बहना काकी चाची
सुन लो तुम भी भैया भाभी
है चुनाव अब जल्दी आनेवाले
घर घर पहुचेंगे नेताजी
करके सवाल सच झूठ की पहचान करेंगे
आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे ...........।।


सरकार को कोसने के दिन भाग गये
अगर अबकी बार तुम जाग गये
किया उपयोग मत का अगर होशियारी से
वोट दिया जो अपना पूरी तैयारी से
खुशहाली के फिर से नये आयाम बनेगें
आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगें ...........।।


कुछ लोग तुमको झूठे सपने दिखाएँगे
पैसा का लालच देकर शराब पिलाएँगे
इन सबसे तुम बचकर रहना मेरे दोस्त
ये तुमको जाति धर्म के नाम पर भटकाएंगे
मजहब से ऊपर उठकर लोकतंत्र का सम्मान करेंगे
आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे ...........।।


जैसे फूल फूल चुनकर ही चमन बनता है
वैसे वोट वोट जुडकर प्रजातंत्र का भवन बनता है
हर एक मत कीमती है देश की नज़र में
खबर ये पंहुचा दो सारे शहर में
हम सब मिलकर गणतन्त्र का गुणगान करेंगे
आओ मिलकर हम सब मतदान करेंगे .............।।




.........मनीष "आशिक "






नमस्कार दोस्तो , मै मनीष पाण्डेय आप सभी के सामने अपनी नयी रचना प्रस्तुत कर रहा हू। हम सभी को अपने मत के अधिकार की कीमत का पता होना चाहिए। जिसे समझाने का मेरे द्वारा एक छोटा सा प्रयास है। उमीद है आप को बेहद पसंद आयेगी। मुझे आप सभी के अमूल्य विचारों का इतंजार रहेगा। मेरी इमेल आईडी है - meghapandu51@gmail.com ।
 
 

you also can send massage for this story to me at(apnikahaniweb@gmail.com )

 
 
loading...

Read Hindi stories, Poetry, Uttrakhand stories and many good thoughts on the web site www.apnikahani.biz

Stories from Uttrakhand :- 11Chammatkari Golu Maharaj ji..,11Uttrakahand ke Devta Ganngnath Jee...,11 Ek Katha Baba Kal Bhairav ji ki.

-->