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शुख और संतोष पूर्ण जीवन जीने का एक मात्र उपाय है  " सादा जीवन उच्च विचार "  उच्च विचारो से ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। प्राप्त अच्छी शिक्षा और जीवन में संतुलन से विचार उच्च होते है। हमारे दवारा किया व्यवहार ही हमारे चरित्र और विचारो का निर्माण करता है।

 
 
7/27/2016

धर्म सीखने के लिए बने है, समाज को बाटनें के लिए नहीं।





5/30/2016

इतना भी दिखावा करना सही नहीं की यथार्त में जीना ही भूल जाये।





5/3/2016

जिस तरह दुख: और तकलीफ जीवन की सच्चाई है वैसे ही सफलता और खुशीयॉ जीवन के अनमोल उपहार...





3/30/2016

हमें असफलता का डर नहीं होना चाहिए क्यूकी हर असफलता हमें एक बड़ी सफलता की ओर अग्रसित करती है।





2/28/2016

नासमझ होना गलत नहीं, बस समझदार लोगो द्वारा कोई भी प्रतीक्रिया न करना समाज के लिए खतरनाक है।……….





2/8/2016

याद रखने से मुशकिल है भुला पाना किसी को.... उतना ही जितना की ये समझाना किसी को ……





11/17/2015

देश-भक्ति से बढ़कर कोई धर्म या मजहब नहीं हो सकता ………….





10/31/2015

मात्र अपने चरित्र और धर्म (कर्तव्यों) की रक्षा करना ही हमारे जीवन की चुनौती है …………..





10/16/2015

नफरत और बदला इन दोनों मे बहुत बड़ा अन्तर है जो की अपना सब कुछ खो जाने पर ही हमें पता चलता हैं।…





9/27/2015

खुशी एक सफर है, मंजिल नहीं। .........भगवान बुद्ध जी …





9/17/2015

हर वो इंसान सक्षम है जो यह सोचता है कि वह सक्षम है। ……… भगवान बुद्ध जी …………





8/25/2015

“ सम्भव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है। असम्भव से भी आगे निकल जाना। “... (स्वमी विवेकानन्द जी)





8/11/2015

संधर्ष हमारे जीवन का हिस्सा नहीं, बल्कि संधर्ष ही जीवन है।.......





8/8/2015

जब अत्मविश्वाश शंधर्ष की प्राथमिकता होती है, तो अंत विजय ही होती है।............





8/1/2015

कुछ बड़ा होने का इंतजार करने से अच्छा है, हमें जितना भी ज्ञान है उसके आधार पर शुरूवात करना ।.......





7/25/2015

हम अकसर किसी एक बड़ी खुशी के लिए ना जाने कितनी ही छोटी़-छोटी खुशीयों को नजरअंदाज कर देते है।........





7/23/2015

अनुभव के अभाव में हर तरह का ज्ञान अधूरा है। ...............





7/13/2015

शुख का इनतजार और दुख के प्रलाप मे ही जीवन का सार है। ............





6/24/2015

सामाज मे सुधार करने से ज्यादा जरूरी है की सबसे पहले हम खुद मे सुधार करें।……..





6/24/2015

सामाज मे सुधार करने से ज्यादा जरूरी है की सबसे पहले हम खुद मे सुधार करें।……..





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