एक कथा बाबा काल भैरव जी की……


Writer:- सुन्दर लाल जी… Total page:-   11
Type:- लेख Page no.:- 11
Date:- 6/4/2015 1    
Description:- देव भूमी उत्तराखण्ड पर ये पहला लेख है जो की आपको उत्तराखण्ड की अदभुत लोक संस्कृती से अवगत करायेगा। ये लेख बाबा काल भैरव जी की उत्तराखण्ड मे अत्यनत मान्यता और उनके अदभुत चमत्कार का वर्णन है। जो की एक सत्य घटना पर आधारित है परंतु कुछ कारणों से व्यक्ति विशेष और स्थान के नाम बदल दिये गये है। ये घटना उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले की ही है परंतु गॉव का नाम बदल दियागया है। उमीद है आप लोगो को ये लेख पसंद आयेगा। धन्यवाद …. जय बाबा काल भैरवा ।


Page Number - 11

ये सब सुन के शुखिया और उसकी पत्नी हरूली देवता से माफी मांगते है और कहते है हे ईष्ट देवता मुझसे गल्ती हो गयी। मै धन के लालच मे आ गया था। पर अब में समझ गया हू मैने अपने छोटे भाई के साथ बहूत अन्याय किया है। मैं वचन देता हू की मै उसका सारा धन उसे वपस कर दुंगा और अपने व्यवहार के लिये छमा भी मामूंगा। हे ईष्ट देवता मेरी गलती की सजा मेरे परीवार को नहीं देना। गलती मेरी है। और इस तरह जागर समाप्त हो जाती है।

अपनी गलती का अहसास होने के बाद शुखिया अपने छोटे भाई के पास जा के उस से अपने किये व्यवहार के लिए माफी मगंता है। मोहन भी अपने भाई को गले लगा लेता है। दोनो ही भाई अपने मन मुटाव को दूर करके आपस मे मिल के बाबा काल भैरव जी को पूजा देते है। शुखिया पूजा मे मोहन के दवारा दिया गया सारा गैहना वापस देता है पर मोहन कहता है भाई मुझे गैहने नहीं चाहिए।

मैने तो बाबा काल भैरव से बस इतना कहा था की। मेरे बड़े भाई ने मुझे सब के सामने झूठा सबित कर दिया है। बस मै तो इतना ही चहता था की आप एक बार सब के सामने ये कह दे की मैने कोई झूट नहीं कहा। और आपने वो मान लिया है तो अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। अंत मे दोनो अपनी मरजी से सारे गहने बाबा काल भैरव जी के मंदिर मे श्रदृा से चढ़ा देते है। बाबा काल भैरव जी दोनो की पूजा से खुश हो के उनहें शुखी से जीवन व्यापन करने का आशिर्वाद देते है। उसके बाद दोनो भाई फिर से साथ साथ खुशी से रहने लगते है। बाबा काल भैरव जी की महिमा उत्तराखण्ड मे चारो ओर प्रसिद्ध है। एैसी हजारो कथायऐं उत्तराखण्ड मे सुनायी जाती है।

ये लेख सच्ची घटना पर आधारित है पर लोगो के व्यक्ति विशेष के सम्मान को ध्यान मे रखते हुए । हमने पात्रो के नाम वो स्थान के नाम बदल दिये है। अगर फिर भी किसी व्यक्ति विशेष या जाती धर्म के लेगो को आपत्ती हो तो हमे जरूर संदेश लिखे। हम आप सभी के विचारो का सम्मान करेगें। आप संदेश हमे हमारी र्इमेल आईडी पे भेज सकते है । हमारी ईमेल आईडी है apnikahaniweb@gmail.com हमे आप सभी के ईमेल का इंतजार रहेगा। हमे एैसी और भी कथाऐ आप के लिए लाते रहेगें तब तक के लिए हमें इजाजत दीजिये धन्यवाद।
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एक कथा बाबा काल भैरव जी की……
 

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