एक कथा बाबा काल भैरव जी की……


Writer:- सुन्दर लाल जी… Total page:-   11
Type:- लेख Page no.:- 7
Date:- 6/4/2015 1    
Description:- देव भूमी उत्तराखण्ड पर ये पहला लेख है जो की आपको उत्तराखण्ड की अदभुत लोक संस्कृती से अवगत करायेगा। ये लेख बाबा काल भैरव जी की उत्तराखण्ड मे अत्यनत मान्यता और उनके अदभुत चमत्कार का वर्णन है। जो की एक सत्य घटना पर आधारित है परंतु कुछ कारणों से व्यक्ति विशेष और स्थान के नाम बदल दिये गये है। ये घटना उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले की ही है परंतु गॉव का नाम बदल दियागया है। उमीद है आप लोगो को ये लेख पसंद आयेगा। धन्यवाद …. जय बाबा काल भैरवा ।


Page Number - 7

उत्तरखण्ड मे कुछ लोग होते है जिन्हें ये आशिर्वाद होता है कि वो लोगो के कष्ट कारण देख सके। मै ऐसा इस लिए नही कह रहा हु क्यूकी मै भी उत्तराखण्ड का रहना वाला हू । और मै ये भी जानता हू बहुत से लोग इस तरह से लोगो को बेवकूफ बनाके फयदा उठाते है। पर बुरे लोग तो कहीं भी हो सकते है। पर उत्तरखण्ड मे कुछ लोगो पर उनके ईष्ट देव की कृपा होती है जिसके वजहा से वे लोगो के कष्ट को देख वा उसका हल बताने मे समर्थय होते है।

शुखिया जैसे ही पडोस के गॉव पहुचता है वहा के कुछ लोग उसे पहचान लेते है और उस से उसकी समस्या पर बात करते है और उसकी समस्या जान के खुद उसे नदी के किनारे वाले घर पर ले के जाते है। उस घर की छोटी बहू उस समय खेत पर गयी होती है पर जब घर वाले शुखिया की समस्या सुनते है तो बहू को खेतसे बलाने के लिए बुलावा भेज देते है। तब तक शुखिया को सभी हिमत बन्धाते है।

जैसे ही छोटी बहू आती है वो शुखिया के अनुरोध पर उसकी समस्या सुनने को तैयार हो जाती है। सारी बात सुनने के बाद ध्यान लगा के कहती है। मुझे तो ये तुमहारे धर के बूडे़ बुजर्ग जो मर गये है वो तुम से खुश नहीं है। शायद तुम अपना कोई वादा पूरा नहीं कर पाये जो तुमने कभी अपने बूडे़ बुजुर्ग को किया हो। तुम अपने बूड़े बुजुर्गो की आत्मा की शातिं का पाठ करवा लो। हो सकता है तुम्हारे पूरवजों की कोई इच्छा अधूरी रह गयी है। देखना पूजा के बाद तुम्हे इस समस्या से आरम जरूर मिल जायेगा।

वैसे एैसा नहीं है की पूछ करने पर हमेशा हमे सही ही उपाय मिले। इस लिए कुछ लोग इसे सही नहीं मानते। पर मै कहना चहता हू की जो भी होता है वो कही ना कही भगवान की मरजी से ही होता है। इस लिए कर्इ बार सब कुछ सही होने पर भी समाधान नही मिलता ।

शुखिया घर आ के सारी बात अपनी पत्नी को बताता है। उसकी पत्नी भी शाम को ही अपने गॉव के ब्रहम्ण को अगले दिन अपने यहा कथा करने का आमंत्रण दे आती है।

अगले दिन पूरा परीवार पूरे मन से कथा और दान धर्म का काम पूर्ण करते है और अपने बूढ़े बुजर्ग से अपनी अनजानी गलती की छमा मांगते है। पूरा दिन इसी मे गुजर जाता है। रात को दोनो पती पत्नी अब सब कुछ सही हो गया सोच के आराम से सो जाते है। मगर सायद होना तो कुछ और ही था।

सुबह जब हरूली उठ कर रसोई मे जाती है । फिर से रसोई का सारा समान फैला देख के हैरान हो जाती है। हरूली समझ जाती है अभी समस्या का समाधान नहीं हुआ है और शुखिया के पास जा के जोर जोर से रोने लगती है। तभी उनका बेटा उठ जाता है और आख फैला के भारी आवज मे कहता है अभी भी तुम्हारी समझ मे नहीं आया क्या?

हरूली और शखिया अपने बेटे के इस व्यवहार से डर जाते है। डरते हूए कहते है कौन हो तुम? जो हमें परेशान कर रहे हो। इतना कहते ही उनका बेटा बेहोश होकर गिर पड़ता है। शखिया तुरंत उठ के अपने बेटे को सम्भालता है। शखिया अपने बेटे को अपने हातो से सम्भालता ही है इतने मे उसकी बेटी उठ के चिल्लाने लगती है। सब भूल गये क्या तुम ? चले जाओ यहा सेǃ चले जाओ यहा से।

हरूली और शुखिया चुपचाप अपनी बेटी की बात सुन रहे थे। कुछ करने की हालत मे तो वो वैसे भी नहीं थे। तभी शुखिया कहता है हम नहीं रहेंगे यहा चलो यहा से। इतना सुनते ही उनकी बेटी भी बेहोश हो जाती है। हरुली अपनी बेटी को उठाती है हरुली और शुखिया दोनो अपने बच्चो को ले के घर के बाहर आ जाते है।

जैसे ही वे बाहर आते है वैसे ही घर के सारे खिड़की और दरवजे जोर से बंद हो जाते है। ये सब देख के हरूली और शुखिया के पैरो तले जैसे जमिन ही गायब हो गयी हो। दोनो डर जाते है और अपने ईष्ट देव को याद करते है की उनसे कौन सी गलती हो गयी जो उनके साथ ऐसा हो रहा है।

जब कुछ समझ नहीं आया तो शुखिया ने हरूली को कुछदिन मौसी जी के यहा ही रहने का सुझाव दिया। हरूली भी अपने बच्चो को ऐसी जगहा नहीं रखना चहती थी इसलिए वो भी मान जाती है और दोनो अपने बच्चो को लेके अपनी मौसी जी के यहा रहने चल देते है।

Page Number - 7




Please send Your complaint and Suggestion at our Email Id(apnikahaniweb@gmail.com )

______________________________________________________________________________
______________________________________________________________________________
Serise of this story
एक कथा बाबा काल भैरव जी की……
 

Read Hindi stories, Poetry, Uttrakhand stories and many good thoughts on the web site www.apnikahani.biz

उत्तराखण्ड की कहानियाँ


चमत्कारी ग्वेलज्यू महाराज जी,11उत्तराखण्ड के देवता गंगनाथ जी,11एक कथा बाबा काल भैरव जी की,11 राजूला – मालूशाही की अमर प्रेम कथा...

Custom Search
Search the Web with WebCrawler