चमत्कारी ग्वेलज्यू महाराज जी


Writer:- सुन्दर लाल जी Total page:-   9
Type:- सामान्य कहानी Page no.:- 8
Date:- 12/25/2014    
Description:- ग्वेलज्यू (गोलू) महाराज जी पूरे उत्तराखड पूजे जाने वाले देवता ही नहीं बल्कि पूरे उत्तरखडं में न्याय दिलाने वाले देवता के नाम से भी जाने जाते है। गोलू जी जितने खुद चमत्तकारी थे। उतनी ही चमत्तकारी उनकी कथा भी है। सभी को उन का आर्शिवाद प्राप्त हो।


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रानी कालिंगा ये बात सुनके सोच में पडं गयी । और सातो रानीयों को अपने दवार किये गये षडयंत्र को याद दिला ने पर। सातो रानी उस पे क्रोधित हुई और अपने सैनिको से बालक को पकड़ लेने का कहा। जब गोलू जी को राजा झालूराई जी के सामने लाया गया। तो राजा से इसे सजा दिलाने के लिए सातो रानीयों ने राजा को अपने हूए अपमान की झूटी बात कहने लगी।

राजा झालूराई ने कहा हे बालक क्या तुम्हे ये बिल्कुल भी ज्ञात है कि तुम क्या कह रहे हो। कभी लकड़ी का धोड़ा पानी पी सकता है । तो गोलू जी ने कहा हे राजन मै तो न समझ बालक हू पर आप तो राजा है ज्ञानी है । पर जब आप ये मान सकते है कि कोई स्त्री अपने गर्भ से पथर के सिल्बट्टा को जन्म दे सकती है तो ये काठ का धोड़ा भी पानी क्यू नहीं पी सकता ।

यह सुन कर राजा झालूराई जी को कुछ समझ नहीं आया। पूरे दरबार मे सन्नाटा फैल गया। तब बालक ने कहा। हे राजन आपको नहीं लगता की आपके साथ छल हुआ है। राजन ने कहा हमें कौन धोका दे सकता है। तब बालक ने अपने स्वपन की सारी बात राजा का बतार्इ और एक गरीब मछूवारे के दवारा अपने लालन पालन की बात कही।

गोलू जी ने कहा राजन छल आपके साथ ही नहीं बल्कि मेरी माता कालिगां के साथ भी हुआ। और आपके पुत्र यानी मेरे साथ भी हुआ। राजा ये सब जान के अपनी सातो रानीयो पे बहुत क्रधित हुए । और सातो रानीयों को उनके दण्ड के लिए म्रत्यू की सजा सुनायी।

गोलू जी को अपने आने के अवसर को राज्य की खुशी का अवसवर बनाने के लिए उनहों ने अपनी सातो सतोली माताओ के लिए राजा से छमा दान माग ली। और राज्य के राजकुमार हुए। आगे चल के राज्य के राजा हुए।

गोलू जी ने राज्य में प्रजा को न्याय दिलाने के लिए राज्य में उचित व्यवस्था कर रखी थी जिसे वे स्वयं सुचारू रूप से चलाते थे। यहा तक प्रजा को तुरंत न्याय दिलाने के लिए वो राज्य में धूम धूम कर लोक आदालत भी लगाते थे। अपनी प्रजा के शुख दुख का ध्यान हमेशा रखते थे। कहा जाता थ। गोलू जी स्वयं न्याय करने मे सछम थे। उनकी नजरो से सत्य का छुपना असम्भव था।

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चमत्कारी ग्वेलज्यू महाराज जी
 

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